5'11'' क़द की स्वीडिश गोलरक्षक जेरिक मुकोरिव ने 120 मिनट्स तक चले मैच में स्मिथ, रैपिनो और मॉर्गन जैसे दमदार स्ट्राइकरों को बेअसर कर दिया और कुल 11 सेव करकर 'द स्टार्स और स्ट्राइप्स' को लगातार तीसरा विश्व कप जीतने से रोक दिया। जेरिक ने न सिर्फ़ अमेरिकी वूमेंस के अजेय सफ़र को रोका, बल्कि दुनिया की नंबर एक टीम को विश्व कप इतिहास में पहली बार सेमीफाइनल स्टेज से बाहर होने का दुर्भाग्य और दुर्दिन भी दिया।
अमेरिका के साथ मेहनत ज़रूर रही, लेकिन क़िस्मत स्वीडन के ही साथ थी, जो मेहनत दरकिनार करते हुए मैच को सडेन डेथ में लेकर गई और अमेरिकी गोलरक्षक एलिसा नाहर का 11 साल का तजुर्बा और सारा पेंच नाकामयाब हो गया। वी.ए.आर. ने हर्टिंग के हवाले से स्वीडन को लगातार तीसरी बार विश्व कप जीतने का इरादा लेकर आई अमेरिका को तीन मैच जीते बगैर घर लौटने को मज़बूर कर दिया।
नॉक आउट से अमेरिका की इस हार के साथ कोच व्लाटको एंडोनोवस्की पर लगे टीम प्रबंधन के आरोप भी पुख़्ता हो गए। विश्व कप दल के 23 खिलाड़ियों में शामिल हुए 14 नए खिलाड़ी एक पुरानी 38 साला फॉरवर्ड मैगन रैपिनो को अपना आख़िरी विश्व कप जीतने में सहारा न बन सकें।
ग्रुप स्टेज में ब्राजील और जर्मनी ने हारकर, अपने लिए बुरा इतिहास बनाया था, तो नॉक स्टेज में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम ने अपनी एक नाकामयाब इबारत लिखी।
~अंकुर
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