भारत में स्कीइंग की बात होती है, तो मध्य-उच्च हिमालय की बर्फ़ से ढकी चोटियों पर नज़रें जाती हैं और भारत में स्कीइंग बतौर खेल बात होती है, तो एक नाम 'आरिफ़ ख़ान' ज़ेहन में आता है। यूँ तो विंटर ओलंपिक, 2022 में भारत की तरफ़ से 5 लोग बीजिंग गए थे, लेकिन इनमें खिलाड़ी इकलौता आरिफ़ था, जो 135 करोड़ भारतीयों का प्रतिनिधित्व कर रहा था। ध्रुवीय देशों के जन्मजात स्कीयरों के बीच अल्पाइन स्कीइंग के स्लालोम इवेंट में आरिफ़ ने 16वें स्थान पर ख़त्म किया था। वहीं, जायंट स्लालोम में वह 30 के ऊपर रहा था।
33 साल के आरिफ़ ने जम्मू-कश्मीर जैसे अशांत प्रदेश में खेल की ऐसी अलख जगाई है, कि इसके केंद्रशासित प्रदेश के किरदार में आने के बाद यहाँ खेल युवाओं की न सिर्फ़ पसंद, बल्कि पेशा भी बनने लगा है। अनंतनाग से जन्में नवनिर्मित ज़िले गंदेरबल से 12 खिलाड़ियों ने प्रदेश के उन 56 खिलाड़ियों में जगह बनाई, जिन्होंने हाल ही में 7वीं स्काये (SQAY, एक कश्मीरी मार्शल आर्ट) एशियन चैंपियनशिप में भाग लिया था। इनमें 80% खिलाड़ियों ने मेडल जीते थे।
राज्य में अशांति को दूर करने और रोज़गार का सृजन करने के दुहरे मक़्सद से खेल को बढ़ावा देने हेतु खेल नीति लाई गई है। इस नीति में स्कूल स्तर के खिलाड़ियों को स्कॉलरशिप देने, एशियन-कॉमनवेल्थ-वर्ल्ड चैंपियनशिप और टूर्नामेंट्स के विजेताओं को पुरस्कृत करने व प्रदेश में खेल की आधारभूत संरचना की मज़बूती के लिए ज़ोर दिया गया है।
~अंकुर
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