"बिजली और पानी के बगैर अंधेरे, सर्दी और गर्मी में हमने अनेक घंटे गुज़ारे हैं। मुझे लगता है कि हम सब कुछ से गुज़र चुके हैं।"
यह दुर-अनुभूति महज़ यूक्रेन ओलंपिक दल का हिस्सा रहे फेंसर व्लादा खार्कोवा की नहीं, समूचे यूक्रेनवासी पिछले ढाई बरस से इस यातना-प्रताड़ना से गुज़र रहे हैं। जिन लोगों के घरों पर लगातार बारूद बरस रहा हो और जिस देश के आसमाँ पर दिन-रात मिसाइलें व रॉकेट की गश्त लगी हों, उस देश के खिलाड़ी किसी खेल महाकुंभ में प्रतिभाग करते हुए अपने बीते एक दशकीय प्रदर्शन से बेहतर खेल प्रदर्शन करके 12 मेडल अपने देश को समर्पित कर दें और 17 दिनों की खेलावधि में 3 बार देश का एंथम बजने की गर्वानुभूति करें, यह किसी मरणासन्न शख़्स को मिली ज़िंदगी की उम्मीद से कम नहीं। यूक्रेन ने ज़ारी इस युद्ध में 400 से अधिक खिलाड़ियों को खोया है और 15 से अधिक ओलंपिक ट्रेनिंग सेंटर्स व 150 से अधिक खेल संरचनाओं को ख़ाक बनते देखा है। अभी भी हजा़रों खिलाड़ी मातृभूमि की रक्षा में रिंग, मैट, ट्रैक, फ़ील्ड और कोर्ट को छोड़कर सरहदों पर डटे हैं।
यूक्रेन जो टोक्यो ओलंपिक के कुछ दिन बाद से ही आग में तप रहा है और अंधेरे में जी रहा है, के ओलंपिक इतिहास के सर्वाधिक कम संख्यीय दल के 140 खिलाड़ियों ने 3 गोल्ड, 5 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज मेडल समेत कुल 12 ओलंपिक मेडल के साथ पेरिस ओलंपिक में न सिर्फ़ शानदार प्रदर्शन किया है, बल्कि रियो और टोक्यो ओलंपिक्स के बाद पहली बार 1 से अधिक गोल्ड मेडल भी हासिल किए हैं। वहीं यूक्रेन ने 1996 के अटलांटा ओलंपिक में अपने ओलंपिक पदार्पण के बाद से पहली बार किसी ओलंपिक खेल इवेंट के पॉडियम पर दो भिन्न-भिन्न रंग मेडल के साथ उपलब्धि दर्ज़ की है। वूमेंस हाई जंप इवेंट में यारोस्लावा महोचिख और इरयना हेरासचेंको ने क्रमश: गोल्ड व ब्रॉन्ज मेडल पर कब्ज़ा किया।
(यारोस्लावा महोचिख और इरयना हेरासचेंको)
5 बार की ओलंपियन, 36 वर्षीय साबरे फेंसर ओल्गा खरलान ने दो अलग-अलग खेल इवेंट में मेडल के साथ दूसरी बार किसी ओलंपिक में दो मेडल जीते हैं। खरकान ने एकल वूमेंस साबरे में ब्रॉन्ज और टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीता है। वह तीसरी बार की ओलंपिक एकल ब्रॉन्ज मेडलिस्ट और दूसरी बार की टीम गोल्ड मेडलिस्ट है। खरलान के लिए केवल टोक्यो ओलंपिक मेडल रहित रहा था, जब वह राउंड ऑफ़ 32 में ही चीनी फेंसर यांग हई से हारकर बाहर हो गई थी। ग़ौरतलब है कि खरलान यूक्रेन की वह लीजेंड फेंसर है जिसका नाम इंटरनेशनल फेंसिंग फेडरेशन के हॉल ऑफ़ फेम में दर्ज़ है, जिसने वर्ल्ड चैंपियनशिप में एक दर्ज़न गोल्ड और दर्ज़नभर से अधिक कुल चैंपियनशिप मेडल अपने नाम किए हैं। गत वर्ष फेंसिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपनी रूसी प्रतिद्वंद्वी से हाथ न मिलाने के उनके स्वदेशीय दुख को भी नहीं भूलाया जा सकता।
(ओल्गा खरलान)
यूक्रेन के खिलाड़ियों ने ओलंपिक के आदर्श सिटियस, अल्टियस और फोर्टियस पा लिया है। उनकी खेल क्षमताओं की तेज़ी, ख़्वाबों की ऊँचाई और मनोबल की मज़बूती ने देश के तौर पर यूक्रेन की जीवटता को विश्व के आगे फिर से साबित कर दिया।
~अंकुर





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