पाक पेस गेंदबाज़ी में वापसी करना मुश्किल है। ख़ासकर, इस दौर में जब अफ़रीदी और नसीम जैसे युवा पेसर लगातार धारदार पेश आ रहे हैं और रिजर्व में मो. वसीम जैसे पेसर हैं। साथ ही, रउफ़ और फहीम अच्छी लय में हैं। पाकिस्तान सुपर लीग (पीसीएल) ने पीछे छुटे के किसी भी गेदबाज़ के अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी के दरवाज़े बंद कर दिए हैं। पीसीएल ने पाक पेस गेंदबाज़ी की मज़बूती को बढ़ाया है। वहाब ने पखवाड़ा पहले दो साल के इंतज़ार के बाद अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया। साल 2011 के वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में भारत की कमर तोड़ने वाले वहाब का 15 साल का कैरियर उम्दा रहा। इसी साल जब पंजाब प्रांत के अंतरिम सीएम मोहसिन नक़वी ने वहाब को राज्य का केयरटेकर खेल मंत्री बनाया, तो भी वहाब ने साल 2023 का वर्ल्ड कप खेलने का अपना ख़्वाब और ख़्वाहिश नहीं छोड़ी थी। वहाब को क्रिकेट और मुल्क से वही मोहब्बत थी, जो एक खिलाड़ी में होती है, लेकिन रिटायरमेंट प्रेस के मौक़े पर वहाब की आँखों में जो सैलाब था, वो एक आम खिलाड़ी से ज़्यादा था। अकरम, वकार और जावेद ने वहाब को वह वहाब बनाया, जो साल 2021 तक पाक टीम का हिस्सा रहा।
इसी साल फरवरी में पीसीएल के एक नुमाइश मैच में इफ़्तिख़ार ने क्वेटा की ओर से खेलते हुए पेशावर ज़ुल्मी की नुमाइंदगी में खेल रहे वहाब पर 20वें अवर में 6 छक्के जड़ दिए, तो वहाब की गेंदबाज़ी पर दाग़ नहीं लगा; बनिस्बत इसके इफ़्तिख़ार के हीटिंग हुनर की तारीफ़ हुई। क्रिकेट की दुनिया में 6 छक्के खाने वाले 9 गेंदबाज़ों में ब्रॉड के बाद वहाब बड़ा गेंदबाज़ी नाम है। बावजूद 6 छक्कों के वहाब का छोटा-सा क्रिकेट कैरियर भी ब्रॉड की तरह बेहतरीन रहा। हालाँकि, वहाब ने ब्रॉड जैसी बहुत उपलब्धि तो नहीं पाई, लेकिन पाक क्रिकेट को देखते हुए उसका लगभग 250 अंतर्राष्ट्रीय विकेट्स का जमा भी क़ाबिल-ए-ग़ौर है।
~अंकुर
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