Wednesday, 23 August 2023

कारमोना का स्पेन

 




  जब कोई खिलाड़ी खेलता है, तो वह अकेला नहीं खेलता, उसका पूरा परिवार उसके साथ खेलता है। जब बात देश के गौरव से जुड़ी हो, तो खिलाड़ी और उसका परिवार ख़ुद को भुला देता है। देश की सफलता में ही खिलाड़ी की असल सफलता होती है, ख़ासकर टीम खेलों में। खेल में अंनत भावनाएँ होती हैं। खेल सिर्फ़ मैदान तक में नहीं बंधा होता है, बल्कि यह देश और समाज के सुख-दुख से भी सरोकार रखता है। देशीय गौरव से ज़्यादा, देशीय सरोकार खेल के लिए ख़ास है और इसी मूल भावना-उद्देश्य की अभिव्यक्ति और प्राप्ति के लिए खेल का सृजन हुआ है।

   महज़ 23 साल की 'ओल्गा कारमोना' स्पेन के लिए पहली विश्व कप उपलब्धि हेतु इत्तिफ़ाक़न बतौर कप्तान मैदान पर उतरी थीं। कारमोना को यह ज़िम्मेदारी अनुभवी मिडफील्डर एंड्रेस और फॉरवर्ड गुंजालेज़ के ऊपर तरजीही में मिली थी। अब इसे विश्व रैंकिंग की नंबर दो टीम स्वीडन के ख़िलाफ़ सेमीफाइनल में उनके ऐतिहासिक गोल की बदौलत समझें या बतौर विंगर उनकी मुस्तैदी व मूव के बदौलत। कारमोना ने अपने सेमीफाइनल के खेल को फाइनल में सिडनी के मैदान पर ज्यो-का-त्यों उतार दिया और अपनी दमदार ठोकर से मैच का इकलौता विजयी गोल भी दागा। ज़श्न में कारमोना ने अपनी टी शर्ट उठाकर, दोस्त की उस माँ को गोल्डन गोल और विश्व कप की ट्रॉफी समर्पित कर दी, जो अब इस दुनिया में नहीं थीं। अब कारमोना को दो दिन पहले ही गुज़रे अपने बाप की ख़बर मिली, तो कारमोना के पास समर्पित करने के लिए सिवा गर्वित आँसुओं के कुछ नहीं था। कारमोना को विश्व विजेता और जुझारू खिलाड़ी बनाने में इस बाप का ही हाथ था, जिसने कारमोना की स्विमिंग-टेनिस क़ाबिलियत के ऊपर फुटबॉल को तरजीह दी थी।

    फेडरेशन और कोच से जुड़े विवादों के बीच स्पेन सैंड्रा पनोस, मापी लियोन, गुइजरो और पीना जैसे अपने अनुभवी खिलाड़ियों के बगैर खेल रहा था। लायनेसेज/इंग्लैंड भी पहली बार फाइनल में था। यह वही इंग्लैंड था जो बीते बरस यूरोज (यूरोपियन ट्रॉफी) में स्पेन को क्वार्टर फाइनल में हरा चुका था, लेकिन इस बार स्पेन वही न था। यह वो स्पेन था, जिसने यूरोज के बाद से 11 में से 10 मैच जीते थे। लिहाज़ा, विश्व कप में जापान से इकलौती हार के सिवा स्पेन ने कोई मैच नहीं हारा और पुरुष फुटबॉल विश्व कप समेत महिला फुटबॉल विश्व कप जीतने वाला दुनिया का दूसरा देश बन गया। दुनिया की छह नंबरी टीम विश्व चैंपियन बन गई। धरती को अपने पाँवों से नापने वाली ला रोज़ा टीम में, सेमीफाइनल और फाइनल में ऐतिहासिक गोल करने वाली कारमोना की बेजोड़ दौड़ रही है।


~अंकुर


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