Sunday, 21 April 2024

कुहू कोर्ट से पुलिस कप्तान तक


 


    जिस कुहू का ख़्वाब था कि 2024 के पेरिस ओलंपिक में भारत के लिए खेले और गोल्ड मेडल जीते, उस कुहू गर्ग ने हाल ही में यूपीएससी द्वारा जारी रिजल्ट में 178वीं रैंक हासिल करके जहां एक ओर उनके और बैडमिंटन के खेल प्रशंसकों की उम्मीदों पर विराम लगा दिया, वहीं दूसरी ओर उसने महिला वर्ग का सुहास यथिराज बनने का संकेत भी दे दिया। प्रशासन के क्षेत्र से आने वाला सुहास पैरा बैडमिंटन का वह नाम है, जिसने देश को बड़े खेल मंचों पर गौरवान्वित किया है।


   कभी 2022 के ब्रिस्बेन राष्ट्रमंडल खेल और 2023 के ग्वांगझू एशियाई गेम्स को भी अपना ख़्वाब मानने वाली कुहू पिछले कुछ वर्षों से बैडमिंटन कोर्ट से नदारद दिख रही थी, जिसकी वज़्ह यूपीएससी रिजल्ट के दिन ही ज़ाहिर हो सकी। कुहू ने अपना एक ऐसा ख़्वाब पूरा किया, जिस पर उसका हक़ उतना ही था, जितना कि बैडमिंटन पर। कुकू को बैडमिंटन के अलावा टेनिस, घुड़सवारी, तैराकी, कथक नृत्य और संगीत सुनने-गाने का शौक़ रहा था, लेकिन 2020 के बाद अचानक कुहू के शौक़ों और ख़्वाबों ने करवट बदली और वह अपनी प्रेरणा माने जाने वाले अपने पिता के पेशे पर आकर रुक गई है। ग़ौरतलब है कि कुहू के पिता अशोक कुमार रिटायर्ड आईपीएस और उत्तराखंड के पूर्व डीजीपी रहे हैं। उनके कहने पर ही कुहू ने महज़ 9 वर्ष की उम्र में रॉकेट उठाया था। इसके बाद उसने ज़िले से लेकर प्रदेश और फिर देश व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने खेल का लोहा मनवाया। 


  कुहू बैडमिंटन मिक्सड डबल की धुरंधर खिलाड़ी है। उसने सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में सिल्वर और ब्रांज मेडल समेत बैडमिंटन साउथ एशियन गेम्स चैंपियनशिप और अनेक इंटरनेशनल बैडमिंटन ओपन चैंपियनशिप में दर्जनों मेडल जीते हैं। वह प्रीमियर बैडमिंटन लीग (PBL) में भी कईं सालों तक मुंबई रॉकेट्स के लिए खेली है। डबल कुहू की पसंदीदा बैडमिंटन कैटेगरी रही है, जिसमें उसने ध्रुव रावत और रोहन कपूर के साथ अनेक चैंपियनशिप जीती हैं।


   दो बार के ओलंपियन और पांच बार के वर्ल्ड चैंपियन चीनी लिन डान को अपना आदर्श मानने वाली और डबल के धुरंधर शटलर दक्षिण कोरियाई लिन यांग डे से प्रभावित होने वाली कुहू ने बहुत छोटी-सी उम्र में साइना नेहवाल को देखकर कोर्ट पर क़दम बढ़ाए थे। उसकी गति और मति उसे कोर्ट पर डबल बैडमिंटन की बेजोड़ खिलाड़ी साबित करती थी।


 अब देखना होगा कि क्या कुहू प्रशासन के कोर्ट पर ही अपने तीव्र फ़ैसलों और सटीक सर्विसों को आगे बढ़ाती है या अपने पुराने पेशे बैडमिंटन के कोर्ट पर भी परस्पर प्रतिस्पर्धा करती दिखेगी!



 ~अंकुर

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