Friday, 2 August 2024

क्या लक्ष्य हासिल करेगा बड़ा लक्ष्य?

 



   लक्ष्य ग्रुप स्टेज में सीडेड इंडोनेशियाई जोनाथन क्रिस्टी को सीधे सेटों में हराकर राउंड 16 में पहुँचा था, जबकि प्रणय ने अन-सीडेड जर्मन फैबियन रॉथ को सीधे सेटों में हराया, तो वियतनामी ली डक फात के सामने उसे जीत के लिए जूझना पड़ा था। 


 अब क्वार्टर फाइनल में लक्ष्य के आगे ताइवानी चोऊ तिआन चेन होगा, जो वर्ल्ड चैंपियनशिप का मेडलिस्ट है, लेकिन लक्ष्य प्रणय की तरह ही उसकी उम्र से भी खेल सकता है। हेड-टू-हेड मुक़ाबलों का चिट्ठा उठाकर देखें, तो 4 में से 3 चोऊ ने ही जीते हैं। यदि लक्ष्य चोऊ के चक्रव्यूह को भेद जाता है, तो क्वार्टर फाइनल को फाँदकर ओलंपिक सेमीज में पहुँचने वाला पहला भारतीय शटलर बन जाएगा। 


 आगे सेमीज के समर-संग्राम में लक्ष्य को टोक्यो ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट, सवा छह फीट क़द के मालिक, डेनमार्कियन स्मैश-शॉवर विक्टर अलेक्सन से भिड़ना होगा या सिंगापुरी सीडेड, वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडलिस्ट लो केन येओ से। लो केन विक्टर से क्वार्टर फाइनल जीत जाता है, तो लक्ष्य को सेमीज में उसे हराना आसान होना। लक्ष्य ने लो केन के साथ हुए 9 में से 6 मुक़ाबलों में जीत से उसे कमज़ोर साबित किया है। हालाँकि लो केन और विक्टर अलेक्सन का हे-टू-हेड रिकॉर्ड इसकी गवाही नहीं देता कि लो केन आगे बढ़ेगा। विक्टर ने 10 में से 8 मुक़ाबलों में लो केन को हराया है। यदि विक्टर ही सेमीज में लक्ष्य के सामने रहा, तो मैच इतिहास तो लक्ष्य को विक्टर पर लीड नहीं देता, लेकिन छरहरे बदन का लक्ष्य अपनी तांडव समान क़दमताल और कर्कश कलाइयों से कमाल दिखा सकता है और ओलंपिक पुरुष बैडमिंटन के पहले भारतीय मेडल से ख़ुद को सज्जित कर सकता है।


  ~अंकुर

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